मुख्यमंत्री हरीश रावत के गृह क्षेत्र कई गांवों में पानी का संकट गहरा गया है। नौला-कमराड़ पंपिंग पेयजल योजना में खराबी के चलते पिछले 10 दिनों से दर्जनों गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर दूरस्थ गांवों में खच्चरों से पानी पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा नदी तट पर नौला में बने इनफिल्ट्रेशन टैंक का फिल्टर सिस्टम फेल हो गया है। नदी में सिल्ट आने से पंपिंग बंद है। जिससे योजना के 35 ग्रामसभाओं और 45 तोकों में पिछले 10 दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिससे ग्रामीणों और मवेशियों के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला अधिकारी को ज्ञापन भेजकर खच्चरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री से तक फिल्टर ठीक कराने की गुहार की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। विभाग पानी के कुछ टैंकरों को सड़क के किनारे स्थित गांवों में भेजकर औपचारिकता पूरी कर रहा है। जबकि 95 प्रतिशत गांवों की सड़क से दूरी दो से पांच किमी है। जिससे उन्हें टैंकर द्वारा पानी मिलना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने पेयजल की व्यवस्था नहीं होने पर प्रदर्शन और चक्का जाम करने का ऐलान किया है। ज्ञापन देने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला शर्मा, प्रधान इण्डा सुरेन्द्र कुमार, विक्रम मावड़ी, मदन मेहरा, कुबेर सिंह भाकुनी, बचे सिंह, गोपाल जैठा, जगदीश राम, प्रेमा देवी, खिमुली, आनंदी, मधुली, कृपाल रावत, नरेन्द्र सिंह, गोपाल दत्त, पूरन सिंह आदि शामिल थे।