जिला बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए बार सभाकक्ष में मंगलवार को अधिवक्ताओं की पहली बार आमसभा आयोजित की गई। जिसमें प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए बार और अधिवक्ताओं के हित में कार्य करने का वायदा किया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और उपसचिव पद के लिए कुल ग्यारह प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। बार काउंसिल उत्तराखंड के पर्यवेक्षक की मौजूदगी में बुधवार आठ नवंबर को मतदान होगा।
चुनाव समिति द्वारा प्रत्येक प्रत्याशी को अपनी बात रखने के लिए सात मिनट का समय दिया गया। सभा में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी जमन सिंह बिष्ट, महेश चंद्र सिंह परिहार, उपाध्यक्ष के कवींद्र पंत, कुंदन सिंह लटवाल, जीवन चंद्र, प्रमोद कुमार, सचिव पद के प्रत्याशी भुवन पांडे, भूपेंद्र सिंह मियान, रोहित कार्की, उपसचिव पद के लिए चंदन सिंह बगडवाल, दीप चंद्र जोशी ने अपनी-अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं।
प्रत्याशियों ने कहा कि जीतने पर वह अधिवक्ताओं के लिए ग्रुप इंश्योरेंस बढ़वाएंगे। अधिवक्ताओं के लिए पांडेखोला जजी जाने को वाहन की व्यवस्था की जाएगी। बार और बैंच के मध्य बेहतर संबंध बनाने के लिए काम होगा। साथ ही अगली बार से कार्यकारिणी में महिला उपाध्यक्ष का पद भी सृजित करने का वायदा किया। अध्यक्षता करते हुए चुनाव समिति के अध्यक्ष केवल सती ने बताया कि प्रत्याशियों को अपनी बात अधिवक्ताओं के सम्मुख रखने के लिए पहली बार चुनाव पूर्व आमसभा की गई।
बुधवार आठ नवंबर को प्रात: आठ बजे से अपराह्न दो बजे तक मतदान होगा। सायं तीन बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। मतदान के मौके पर बार काउंसिल उत्तराखंड के पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे। सभा संपन्न कराने में समिति के सदस्य शोबन सिंह नगरकोटी, जगदीश चंद्र पांडे, विभा पांडे, पंकज कनवाल, चंद्रशेखर कपकोटी, प्रेम राम आर्या ने सहयोग दिया।
29 में से किसी भी महिला अधिवक्ता ने पर्चा नहीं भरा
देश की आधी आबादी महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने की मांग उठ रही है। इस मुद्दे को महिलाएं भी जोर-शोर से उठाती रही हैं, लेकिन अल्मोड़ा बार एसोसिएशन के नौ पदों और पांच कार्यकारिणी सदस्यों के लिए किसी भी महिला अधिवक्ता ने पर्चा नहीं भरा। अल्मोड़ा बार एसोसिएशन के चुनाव में कुल 221 अधिवक्ता सदस्य मतदाता हैं। इनमें 29 महिला अधिवक्ता और 192 पुरुष अधिवक्ता शामिल हैं। बार के नौ पदों और पांच कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए किसी भी महिला अधिवक्ता ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इन पदों के लिए कुल 21 अधिवक्ताओं ने पर्चे भरे हैं।