अल्मोड़ा। रोडवेज बसों की बदहाली दूर होने का नाम नहीं ले रही है। अधिकतर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स क्षतिग्रस्त है और इनमें से जरूरी दवा भी गायब है। ऐसे में हर रोज सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखा की जा रही है।
जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज डिपो से रोजाना 24 बसों का संचालन होता है। अधिकतर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स बदहाल पड़े हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने यात्रियों की सुरक्षा के दावे कर स्थापित फर्स्ट एड बॉक्स की पड़ताल की। इसमें अधिकतर बसों में स्थापित फर्स्ट एड बॉक्स क्षतिग्रस्त मिले और इनमें जरूरी दवा गायब मिली। चंडीगढ़ सेवा में तो फर्स्ट एड बॉक्स को किसी तरह रस्सी से बांधकर लटकाया गया था। परिचालक ने बताया कि इसमें होने वाली जरूरी दवा उनके थैले में है। टनकपुर, बेतालघाट सेवाओं में भी फर्स्ट एड बॉक्स इसी हाल में मिले। इससे यह साफ है कि रोडवेज बस में यात्रियों की सुरक्षा की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है।
बसों में फायर सिलिंडर भी नहीं
अल्मोड़ा। रोडवेज की कुछ बसों में फायर सिलिंडर भी गायब मिले तो कुछ बस में यह अस्त-व्यस्त हालात में मिले। ऐसे में अगर बस में कोई आगजनी की घटना हुई तो बड़ी जनहानि हो सकती है।
अल्मोड़ा डिपो के सहायक महाप्रबंधक, विजय तिवारी ने बताया कि निगम की बसों में फर्स्ट एड बाक्स लगे हैं। दवा परिचालकों को दी जाती है। क्षतिग्रस्त फर्स्ट एड बॉक्स जल्द बदले जाएंगे।