इसी टिन शेड में है अग्शिमन केंद्र।
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यहां स्थित अग्निशमन केंद्र के ऊपर क्षेत्र की छह तहसीलों और पांच थाना क्षेत्रों का दायित्व है, लेकिन इलाके के पांच लाख लोगों की हिफाजत का जिम्मा संभालने वाला यह दमकल केंद्र आज भी टिन शेड में ही संचालित हो रहा है। बड़ा क्षेत्र होने के कारण यहां अधिकारियों और कर्मचारियों की भी कमी है। अब अग्निकाल शुरू हो गया है, ऐसे में संसाधनों के अभाव में दमकल कर्मियों को जूझना होगा।
यहां लालकुर्ती स्थित दमकल केंद्र के ऊपर रानीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, सहित छह तहसीलों का दायित्व है। अग्निकाल और अन्य दुर्घटनाओं के मौके पर यहीं से दमकल भेजी जाती है। रानीखेत स्थित दमकल दस्ते ने पिछले सालों में काफी तत्परता और बहादुरी के साथ बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं को काबू किया है।
हर बार इस दस्ते की प्रशंसा की गई, किंतु खतरों से जूझने वाले इन कर्मचारियों को आज तक बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पाईं। छावनी परिषद से 2.025 एकड़ भूमि पुलिस विभाग को हस्तांतरित हो चुकी है, लेकिन बजट के अभाव में कार्यालय और स्टाफ क्वार्टर नहीं बन सके हैं। काम चलाने के लिए कच्चे टिन शेड बनाए गए हैं। एक में कार्यालय और आवास, दूसरे में मैस चल रहा है। कड़ाके की ठंड में भी कर्मचारी इसी शेड में रहते हैं। अग्निशमन उपकरण भी यहीं एक कमरे में रखे गए हैं। केंद्र में एफएसओ और एफएसएचओ दोनों अधिकारियों के पद रिक्त हैं। जबकि 26 में से वर्तमान में 10 फायरमैन यहां कार्यरत हैं।