स्याही देवी के जंगलों में लगी आग। संवाद
अल्मोड़ा। बारिश थमते ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। स्याहीदेवी के जंगल धधकते रहे लेकिन कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंच सका। देर शाम हल्की बूंदाबांदी के बाद आग बुझने से स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की।
बीते दिनों बारिश होने से जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर लगाम लगी थी। बारिश थमते ही फिर से जंगल धधकने लगे हैं। शनिवार को स्याहीदेवी के जंगल में सुबह से ही आग लगी रही। पूरे दिन जंगल से आग की लपटें उठतीं रहीं लेकिन कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। करीब एक हेक्टेयर जंगल में आग लगने से लाखों की वन संपदा जल गई। देर शाम हल्की बूंदाबांदी हुई तो आग बुझी और राहत मिली। मामले में वन विभाग आरक्षित वन क्षेत्र में आग न लगने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचता रहा। संवाद
फायर सीजन में बढ़ सकती हैं जंगल में आग लगने की घटनाएं
अल्मोड़ा। फायर सीजन की शुरुआत में ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। फायर सीजन शुरू होने के आठ दिन के भीतर ही चार घटनाओं में जिले भर में छह हेक्टेयर से अधिक जंगल दावानल की भेंट चढ़ चुके हैं। कुछ दिनों बाद प्रचंड गर्मी में नमी कम होने से जंगल में आग लगने की घटनाओं में इजाफा होने की संभावना है।
स्याहीदेवी के जंगल में आग लगने की सूचना नहीं है। आरक्षित वन क्षेत्र में आग लगती तो निश्चित तौर पर इसकी सूचना मिलती। इसके बाद भी वन विभाग जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए गंभीर है। -मोहन राम आर्या, रेंजर, अल्मोड़ा।