बागेश्वर। शहर में बढ़ते अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए कारगर योजना की जरूरत है। नगर निकायों के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन आदि के भुगतान के लिए अपनों संसाधनों को बढ़ाना होगा। नगर पंचायत, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत ओर ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए ठोस सुझावों को आमंत्रित कर कार्ययोजना तैयार करनी जरूरी है। यह बात चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. वीके जोशी ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में हुई बैठक में कही।
डॉ. जोशी ने जिला पंचायत, नगरपालिका, नगर पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत सदस्यों एवं विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निकाय अपने क्षेत्रों में छोटे-छोटे पार्किंग व कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन का चयन कर प्रस्ताव बनाएं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए आय के स्रोत बढ़ाने जरूरी है। उन्होंने बजट को प्रावधान करने के लिए जनप्रतिनिधियों से सक्रिय होने को कहा। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने जिला पंचायत की दिक्कतों को आयोग अध्यक्ष के समक्ष रखा।
उन्होंने आय बढ़ाने के लिए जिला पंचायत की ओर से खनिज व उपखनिज पर टैक्स वसूलने का सुझाव रखा। साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए वाहन उपलब्ध करने की मांग रखी। नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल ने नगरपालिका क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराते हुए आवारा पशुओं के लिए गोशाला निर्माण, सीवर लाइन और पार्किंग के लिए धन आवंटन की मांग रखी।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम पंचायत सदस्यों ने भी मानदेय बढ़ाने सहित कई समस्याएं रखी। इस दौरान आयोग के सदस्य अविकल थपलियाल, वीसी सनवाल, जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट, जानकी मेहता, गोदावरी आर्या, माधवी देवी, भागीरथी देवी, ब्लाक प्रमुख कपकोट मनोहर लाल, रेखा खेतवाल, बालाराम, जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल, डीडीओ डा.महेश कुमार, अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार, ईओ ईश्वर सिंह रावत आदि थे।