अल्मोड़ा/मौलेखाल/ सोमेश्वर। नगर और ग्रामीण इलाकों में फूलदेई का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। बुधवार को बच्चों ने घर-घर जाकर फूलों से देहरी (देली) पूजन किया। फूलदेई छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार तुमार देली में बार-बार नमस्कार... गीत गाकर लोगों की सुख समृद्धि की कामना की।
बच्चों की टोलियां विभिन्न प्रकार के फूलों से सजी थाली और कंधे में झोला लटकाए फूलदेई करने निकलीं। बच्चों ने अपने-अपने मोहल्लों और गांवों में घर-घर जाकर पुष्प और चावल अर्पित कर देली पूजन किया। लोगों ने शगुन के तौर पर बच्चों को चॉकलेट, मिठाई, गुड़ चावल आदि दिया। सल्ट विकासखंड में फूलदेई पर्व पर बच्चों में उमंग और उत्साह दिखाई दिया। प्रात:काल बच्चों ने घर-घर जाकर देहरी पर फूल और अक्षत अर्पित कर देली पूजन किया। लोगों ने बच्चों को उपहार दिए। सोमेश्वर तहसील क्षेत्र में भी फूलदेई पर्व धूमधाम से मनाया गया।
बजेला में सांस्कृतिक विनिमय के रूप में मनाई फूलदेई
अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बजेला में फूलदेई पर्व सांस्कृतिक विनिमय के रूप में मनाया गया। शिक्षक भास्कर जोशी ने बताया कि फूलदेई पर्व विद्यालय में जगमग तारे समूह बनाया गया है जिसमें देशभर के बच्चे जुड़े हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन हुए कार्यक्रम में बच्चों ने फूलदेई पर अपनी-अपनी सांस्कृतिक जानकारी का आदान प्रदान किया।
भिटौली देने की हुई शुरूआत
अल्मोड़ा। फूलदेई पर्व के दिन से भिटौली देने का महीना भी शुरू हो गया है। भाई अपनी विवाहित बहन को भिटौली (उपहार) देने उसकी ससुराल जाता है। भिटौली देने की परंपरा आज भी बरकरार है। विवाहित बहनों को भिटौली का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन से काला महीना भी लग गया है। विवाहिता शादी के पहले साल आने वाले काले महीने में सात या पूरे महीने अपने मायके में ही व्यतीत करती है।