अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान (वीपीकेएस) संस्थान के वैज्ञानिकों ने कहा है कि किसान कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनकर खेतों में जाएं और दूरी बनाकर खेती करें। साबुन से हाथ धोएं और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें। औजारों और मशीनों को उपयोग सेे पहले और उपयोग के बाद सैनिटाइज जरूर करें।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जहां खेतों में गेहूं में बालियां निकली हैं, वहां किसान फसल की सिंचाई करें। कालापन बाली वाले पौधों को सावधानीपूर्वक उखाड़ कर गड्ढे में दबाएं या जलाकर नष्ट कर दें। जिन क्षेत्रों में जौ, मटर, सरसों, मसूर आदि तैयार है उसकी कटाई शीघ्र करें ताकि खेतों में दानों को झड़ने से रोका जा सके। इन दिनों वीएल मादिरा 207, विलायती कद्दू की आस्ट्रेलियन ग्रीन इत्यादि, वीएल बीन-2, कंटेंडर, पंत अनुपमा आदि किस्मों की बुवाई लाभदायक फायदेमंद रहेगी। सिंचित क्षेत्रों में मक्का की अगेती संकर किस्म विवेक संकर मक्का 45, 53, विवेक संकुल मक्का-31 35, सीएमवीएल स्वीट कॉर्न-1, दो, वीएल टमाटर-4, वीएल शिमला मिर्च-3, कैलीफोर्निया वंडर, बैंगन की पंत सम्राट, पंत रितुराज की तैयार पौध, मिर्च की पौध की रोपाई कर सकते हैं।
‘आरोग्य सेतु’ ऐप का लाभ उठाएं
अल्मोड़ा। वीपीकेएस संस्थान के अनुसार आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने ‘आरोग्य सेतु‘ ऐप लांच किया है। यह ऐप यूजर को किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर जानकारी देगा। यह स्मार्टफोन के लोकेशन डाटा और ब्लूॅटुथ के जरिये यूजर को बताता है कि वह कोरोना संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आए थे या नहीं। इसके साथ ही ऐप की मदद से कोरोना के लक्षण को पहचाना जा सकता है और बचाव की जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।