अल्मोड़ा। उद्यान विभाग ब्लड रेड प्रजाति के माल्टा का उत्पादन कराकर काश्तकारों को आत्मनिर्भर बनाएगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभाग जिले भर में विभिन्न प्रजाति के 85,357 पौधों का रोपण करेगा। ब्लड रेड प्रजाति के 10,500 पौधों का रोपण किया जाएगा। काश्तकारों को नौ हजार पौधे निशुल्क बांटे जाएंगे। उद्यान विभाग बागवानी विकास योजना के तहत कागजी नीबू के 2000 और निशुल्क पौधरोपण योजना के तहत 12000 पौधे लगाएगा। नागपुरी संतरे के 1035 पौधे और निशुल्क 5000 पौधे बाटेगा। एल- 49 प्रजाति के 310 पौधे और 3000 पौधे निशुल्क बाटेगा।
कल्मी आम के पलायन रोकथाम योजना के तहत 1668, बागवानी मिशन योजना के तहत 5950, बागवानी विकास योजना के 805 पौधे लगाए जाएंगे और 8000 पौधे निशुल्क बांटे जाएंगे। एन-7 चकैया प्रजाती के आंवले के बागवानी मिशन योजना के 1390, बागवानी विकास योजना के तहत 265, निशुल्क 700 पौधों का रोपण करेगा। कंधारी प्रजाती के अनार के 170 पौधे बागवानी मिशन योजना, 1500 पौधे निशुल्क बाटेगा। नागपुरी संतरे के 1040 पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके अलावा कटहल सहित कई अन्य प्रजाति के पौधों का रोपण करेगा। पौधरोपण कराने का मुख्य उद्देश्य फल उत्पादन बढ़ाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
इन स्थानों पर होता फलों का उत्पादन
जिले के विकासखंडों हवालबाग, ताड़ीखेत, ताकुला, भिकियासैंण, चौखुटिया, भैसियाछाना, सल्ट, धौलादेवी, द्वाराहाट, लमगड़ा और स्याल्दे में फलों की खेती की जाती है। इन विकास खंडों में से ताड़ीखेत, लमगड़ा, भैसियाछाना, ताकुला और धौलादेवी क्षेत्रों में फलोत्पादन अधिक मात्रा में होता है। संवाद
इनसेट कोट-
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 85 हजार से अधिक फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। काश्तकारों को 57400 पौधे निशुल्क बांटे जाएंगे। पौधरोपण का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। - डॉ. नरेंद्र कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी अल्मोड़ा।