सोमेश्वर में बारिश में भीगी पशुओं के लिए जुटाई घास।
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। पहाड़ में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सर्दियों में पशुओं के चारे के लिए दिन-रात मेहनत कर काटी गई घास बारिश की भेंट चढ़ रही है। सोमेश्वर क्षेत्र के शैल, बूंगा, खीराकोट, गुरुड़ा, छानी ल्वेशाल समेत आसपास के अधिकांश गांवों में खेतों और खुले स्थानों पर सुखाने के लिए रखी गई घास भीग गई है।
धूप नहीं निकलने से घास सूख नहीं पा रही है, जिससे किसानों के सामने सर्दियों में पशुओं के लिए चारा जुटाने की चुनौती खड़ी होने लगी है। पहाड़ी क्षेत्रों में अक्तूबर का महीना पशुओं के लिए सर्दियों का चारा जुटाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। ग्रामीण इस दौरान खेतों, जंगलों और घास के मैदानों से घास काटकर उसे सुखाते हैं और फिर सर्दियों के लिए सुरक्षित रखते हैं। लेकिन लगातार हो रही बारिश ने इस काम में बाधा डाल दी है। खुले स्थानों पर रखी घास बार-बार भीगने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। घास को सुखाने के लिए पर्याप्त धूप नहीं मिलने से उसे सुरक्षित रखने की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम साफ होने का इंतजार
सोमेश्वर क्षेत्र में बारिश के कारण खेती-किसानी से जुड़े दूसरे कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण तुलसी भाकुनी ने बताया कि घास को सूखने के लिए पर्याप्त धूप नहीं मिल पा रही है। इसके चलते घास को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। किसानों को अब मौसम साफ होने और धूप निकलने का इंतजार है, ताकि भीगी घास को सुखाकर सर्दियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन लगातार खराब मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।