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मत्स्य पालन को बनाएं अतिरिक्त आय अर्जित करने का माध्यम

Mon, 11 Mar 2019 11:17 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
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तोली गांव के प्रगतिशील मत्स्य पालक पीतांबर गहतोड़ी का सम्मान करते वैज्ञानिक। - फोटो : अमर उजाला
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छीड़ापानी में शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय के प्रायोगिक फार्म में दो दिनी किसान संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अनुसूचित जाति उपादान योजना के तहत आयोजित किसान संवाद का शुभारंभ प्रसिद्ध मत्स्य वैज्ञानिक डॉ. केके वास और अनुसंधान निदेशालय भीमताल के प्रभारी डॉ. देवाशीष शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर उद्यान और मत्स्य विभाग की ओर से प्रदर्शनी भी लगाई गई। साथ ही किसानों को प्रक्षेत्र का भ्रमण भी कराया गया। दो दिनी संवाद मंगलवार को भी जारी रहेगा। 

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कार्यक्रम में जिले भर से आए मत्स्य किसानों को मत्स्य वैज्ञानिकों की ओर से विभिन्न जानकारियां दी गईं। बताया गया कि मत्स्य पालन को अतिरिक्त आय का जरिया बनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। इस दौरान किसानों को मछली के मूल्य संबंधित उत्पाद तैयार करने की जानकारी भी दी गई। किसानों को मत्स्य किट, बीज और चारा आदि का वितरण किया गया। प्रायोगिक फार्म के प्रभारी डॉ. कुणाल किशोर ने किसानों से कहा कि मत्स्य पालन के किसानों को हर जरूरी सुविधा के साथ मत्स्य बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। वहां पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, आईटीबीपी के जसप्रीत शर्मा, नितिन शर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान मौजूद रहे।

उत्कृष्ट मत्स्य पालकों को किया गया सम्मानित
चंपावत। दो दिनी किसान संवाद कार्यक्रम में जिले में उत्कृष्ट मत्स्य पालकों को सम्मानित किया गया। इसमें पाटी विकासखंड के तोली के प्रगतिशील किसान पीतांबर गहतोड़ी, कठाड़ के लक्ष्मण सिंह, रामी राम, प्रकाश राम, सुरेश राम, हरीश कुमार, देवेंद्र कुमार आदि किसानों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा मछली का अचार तैयार करने वाली वैज्ञानिक डॉ. गरिमा को भी सम्मानित किया गया।
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रंगीन मछली पालन और अचार बनाने की जानकारी दी
चंपावत। किसान संवाद कार्यक्रम में किसानों को रंगीन मछली पालन के बारे में जानकारी दी गई और मछली का अचार बनाने के किटों का वितरण किया गया। वैज्ञानिकों का कहना था कि सामान्य मत्स्य पालन की अपेक्षा रंगीन मछलियों का उत्पादन और एक्वेरियम बनाना ज्यादा लाभप्रद है।

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