जाली नोटों के सौदागरों से दो लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। उत्तराखंड में यह अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है। जालसाज पश्चिम बंगाल निवासी अपने सरगना से चार लाख रुपये के जाली नोट लाए थे। टनकपुर, खटीमा, हल्द्वानी, रानीखेत सहित कई शहरों में नोट चलाते हुए यह लोग द्वाराहाट पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की सतर्कता के चलते कई लोग जालसाजी का शिकार होने से बच गए।
एसएसपी केएस नगन्याल ने यहां थाने में पत्रकारों को बताया कि जालसाजी का शिकार हुए व्यापारी ओमपाल की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 448 ख-ग के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एसआई दरवान सिंह को जांच सौंपी गई थी। स्थानीय पुलिस, एलआइयू और एसओजी टीम की सतर्कता के चलते वाल्मीकि चौधरी, गरीबो मेहता और समर कुमार मंडल की गिरफ्तारी हुई। तीनों अभियुक्तों के पास से एक एक-हजार के दो लाख जाली नोट, 1.5 लाख रुपये के असली नोट बरामद हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि उत्तराखंड में अब तक की यह सबसे बड़ी रिकवरी है। तीन साल पहले ऊधमसिंह नगर में 50 से 60 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल मेें रहने वाले सरगना से चार लाख के जाली नोट लाए थे। जिन्हें पटियाला होते हुए उत्तराखंड के टनकपुर, खटीमा, किच्छा, हल्द्वानी, भवाली और रानीखेत में चलाया गया। इन स्थानों पर उन्होंने 15 से 20 हजार रुपये के जाली नोट चलाए हैं। जबकि बुधवार को तीनों जालसाजों ने द्वाराहाट में 24 हजार रुपये के नकली नोट चला दिए थे। एसएसपी ने कहा कि द्वाराहाट के व्यापारियों की जागरूकता के चलते यह कामयाबी हाथ लग पाई है। उन्होंने सभी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।