दौला-जालीखान मोटर मार्ग की बदहाली ठीक नहीं होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि घटिया डामरीकरण के चलते यह मोटर मार्ग में जगह-जगह कीचड़ से पटा पड़ा है, जिसके चलते बड़े वाहन फंस जा रहे हैं। पूर्व में ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने जांच कराई और निर्माण कार्यों में अनियमितताएं पाते हुए मौसम के अनुकूल डामरीकरण कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक सार्थक कार्रवाई नहीं हुई है।
जालीखान-दौला 12 किमी मोटर मार्ग में 2013 में डामर हुआ था। बे मौसम डामर का कार्य होने के कारण डामर टिका नहीं। क्षेत्रवासियों की शिकायत पर रानीखेत के तत्कालीन संयुक्त मजिस्ट्रेट डा. इकबाल अहमद ने निरीक्षण कर डामरीकरण कार्य में खामियां पाईं और रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी। ग्रामीणों के अनुसार तत्कालीन डीएम स्व. अक्षत गुप्ता ने भी एडीबी के अधिकारियों को जांच रिपोर्ट का हवाला दिया और विभाग से मौसम के अनुकूल पुन: डामरीकरण करने को कहा था, लेकिन तब से आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सबसे अधिक परेशानी बरसात के मौसम में रहती है, पूरा मोटर मार्ग कीचड़ से पटा हुआ है, जिसमें ट्रक और बस आदि वाहन फंस जा रहे हैं। आए दिन लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कुंदन बिष्ट, हरेंद्र नेगी, जनार्जन पांडे सहित तमाम जनप्रतिनिधियों ने शीघ्र मोटर मार्ग की हालत नहीं सुधरने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।