सरकारी इमदाद जरूरतमंदों के लिए आसमान से गिरा खजूर पर अटका सिद्ध हो रही है। शासन द्वारा देय पशु हानि की धनराशि के चेक क्षेत्र के पशुपालकों को तीन माह बाद मिले हैं। चेक भुगतान की अवधि तीन माह बीत जाने के बाद यह चेक अब एक्सपायर हो गए हैं। काश्तकार जब चेक लेकर बैंक पहुंचे तो बिना भुगतान करवाए ही उन्हें लौटना पड़ा। इससे पशुपालकों में रोष व्याप्त है। उन्होंने इसे वन विभाग की लापरवाही करार दिया है।
जंगली जानवरों द्वारा ग्रामीणों के पालतू पशुओं को मारे जाने पर सरकार पशुपालकों को पशु क्षति का मुआवजा देती है, लेकिन पशु पालकों को मुआवजे की धनराशि समय पर नहीं मिल रही है। वन विभाग द्वारा सोमेश्वर क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक पशुपालकों को दिए गए पशु क्षति के मुआवजे के चेक तीन माह बाद एक्सपायर होने के बाद मिले हैं। टाना गांव निवासी पूरन सिंह की गाय को पूर्व में तेंदुए ने मार दिया था। वन विभाग द्वारा चार जनवरी 2016 को जारी पशु हानि के पांच हजार रुपये का चेक पूरन सिंह को 14 अप्रैल को दिया गया है।
तीन माह से अधिक अवधि बीत जाने के बाद चेक का भुगतान बैंक नहीं करता है। जब वह आज चेक भुगतान के लिए बैंक शाखा पहुंचे तो बैंक कर्मियों ने बताया कि यह चेक एक्सपायर हो गया है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में कई काश्तकार को एक्सपायर चेक मिले हैं। इधर वन क्षेत्राधिकारी मनोज लोहनी का कहना है कि हेड आफिस से यह चेक प्राप्त हुए थे। एक्सपायर हो चुके चेकों को पशुपालकों से वापस लेकर संशोधित करवाकर चेक दिए जाएंगे, ताकि उन्हें पशु क्षति का मुआवजा भुगतान हो सके।