बयेड़ी में महिलाओं द्वारा तैयार की गई बड़ियां। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद शुरू हो गई हैं। अब पारंपरिक बड़ियां महिलाओं की आजीविका सुधारेंगी। ककड़ी, उड़द की दाल, पेठा (भूजा) निर्मित इन बड़ियों के माध्यम से रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
पूर्व में महिलाएं पारंपरिक तरीके से स्वयं के लिए ही बड़ियां बनाती थी, लेकिन अब यह रोजगार का जरिया बन रही हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और होप संस्था ने ग्रामीण महिलाओं को बड़ी बनाने का प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। बयेड़ी गांव में तीन दिनी गुणवत्ता सुधार प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। होप संस्था के निदेशक प्रकाश जोशी ने कहा कि महिलाओं की आर्थिकी बढ़ाने के लिए बड़ी उचित माध्यम है। गुणवत्ता में सुधार करके आजीविका के संसाधन विकसित किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण में प्रधान लीला देवी, मुन्नी देवी, हेमा देवी सहित तमाम ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।