मंगलवार की रात नानीसार में हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को आंदोलन से जुड़े से आंदोलनकारियों ने साजिश करार दिया है। कहा कि आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि माओवादी कभी भी घटना स्थल पर हथियार छोड़कर नहीं भागते। वह दूसरों से हथियार छीन ले जाते हैं। वैसे भी निर्माणाधीन विद्यालय परिसर की मजबूत हदबंदी को भेद पाना किसी के लिए भी संभव नहीं है। उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि इस मामले में सरकार पूरी तरह से बेनकाब हो गई है।
ग्रामीणों की जमीनें कौड़ियों के भाव लुटाई जा रही है, विरोध करने वाले लोगों को मारपीट कर तमाम संगीन धाराओं में जेल भेजा रहा है, सरेआम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राष्ट्रीय तिरंगे का अपमान किया गया, इस मामले आरोपी पूंजीपतियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने कोई भी कार्रवाई नहीं की।
सभी आरोपी आजादी से घूम रहे हैं। आंदोलन को कमजोर करने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, उन्होंने कहा कि जब तक वहां से जिंदल समूह का अवैध कब्जा नहीं हटाया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड पुरुषोत्तम ने भी नानीसार में हुई माओवादी घटना को पूरी तरह से सुनियोजित करार दिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर विद्यालय बन रहा है, उस परिसर की इतनी मजबूत हदबंदी की गई है कि वहां परिंदा तक नहीं घुस सकता। ऐसे में कैसे वहां माओवादी अथवा अन्य अराजक तत्व घुस जाएंगे।