रानीखेत (अल्मोड़ा)। जल जीवन मिशन के तहत शतप्रतिशत नल कनेक्शन का दावा करने वाले ताड़ीखेत ब्लॉक के मकड़ों गांव की जमीनी हकीकत कागजी रिकॉर्ड से अलग नजर आ रही है। गांव में नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन अधिकांश नलों से सप्ताह में दो दिन भी पानी नहीं मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वर्ष 2024 में चयनित इस गांव में चौकुनी के पास पुरानी योजना से करीब साढ़े चार किमी लाइन बिछाई गई। लगभग 21 लाख रुपये से मकड़ों पीपलटाना के 180 परिवारों के 750 से अधिक लोगों को जलापूर्ति से जोड़ने की कवायद की गई। गांव में करीब 150 संयोजन दिए गए, लेकिन आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। ग्रामीणों ने शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की है।
कागजों में शतप्रतिशत, जमीन पर संकट
अल्मोड़ा जिले के 841 गांवों को शतप्रतिशत नल से जल योजना के तहत प्रमाणित किया गया है। मकड़ों गांव भी सूची में शामिल है, लेकिन यहां नियमित आपूर्ति न होने से प्रमाणन प्रक्रिया पर प्रश्न उठ रहे हैं।
21 लाख की लागत, फिर भी अधूरी राहत
करीब 21 लाख रुपये खर्च कर योजना लागू की गई। 150 कनेक्शन दिए गए, लेकिन अधिकांश घरों में सप्ताह में एक-दो बार ही पानी पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।