अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) अल्मोड़ा में सब्जी फसलों में समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) विषय पर आयोजित तीन दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने कहा कि किसान प्रभावी विपणन व्यवस्था एवं खेती में विविधता अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान सब्जियों के प्रमुख कीट एवं रोग, उनकी पहचान, क्षति के लक्षण तथा समेकित प्रबंधन रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। व्यावहारिक सत्रों के अंतर्गत कीट सर्वेक्षण, सब्जी कीटों के प्राकृतिक पर भक्षियों एवं लाभकारी जीवों की पहचान, फेरोमोन एवं स्टिकी ट्रैप्स की स्थापना, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वनस्पतियों से कीटनाशी अर्क की तैयारी और जैव-नियंत्रण एजेंट्स के उपयोग का प्रदर्शन कराया गया। इसके अलावा सूक्ष्मजीव आधारित जैव-नियंत्रण एजेंट्स, फसल-विशिष्ट समेकित कीट प्रबंधन मॉडल, समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन उपाय तथा कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित उपयोग पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
समापन पर प्रतिभागी किसानों से उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किए गए। कृषकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक एवं आय संवर्धन में सहायक बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया। कोटाबाग और धारी विकासखंड के 30 किसानों ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया। संचालन डॉ. प्रताप दिवेकर, डॉ. देवेंद्र शर्मा और डॉ. प्रियंका खाती ने किया।