रानीखेत (अल्मोड़ा) उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा है कि अब उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 साल बाद भी जनता के मूल सवाल जस के तस हैं और सरकारें इन्हें सुलझाने में पूरी तरह विफल रही हैं।
यहां आयोजित प्रेस वार्ता में पीसी तिवारी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड समेत कई मामलों में आज तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था की संवेदनहीनता और सत्ता-संरक्षण का प्रतीक बन चुका है। अंकिता को न्याय मिलना ही चाहिए और इसके लिए संघर्ष और तेज किया जाएगा। तिवारी ने बताया कि प्रदेश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, अवैध खनन, महिलाओं पर अत्याचार और पहाड़ से हो रहे पलायन जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर अब व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।
इन्हीं सवालों को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति उत्तराखंड के नाम से एक मोर्चा गठित किया गया है, जो प्रदेश की बुनियादी जरूरतों और अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन विकास और जनभावनाओं को ध्यान में रखकर किया गया था, लेकिन आज हालात इसके उलट हैं। माफिया संस्कृति और कारपोरेट नीतियों को बढ़ावा देकर सरकारों ने राज्य को गहरे संकट में धकेल दिया है। पहाड़ खाली हो रहे हैं और संसाधनों की लूट जारी है। पीसी तिवारी ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य की दिशा तय करने की शुरुआत होगा।