भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि एकात्म मानववाद से ही समाज में समानता आएगी। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सुनिश्चित जीवन यापन, स्वाधीनता, गरिमापूर्ण और सम्मान पूर्वक जीवन जीने का आधिकार है। डा. जोशी यहां उत्तराखंड सेवा निधि में पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में एकात्म मानववाद और दैशिक शास्त्र विषय पर हुई दो दिवसीय गोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
डा. जोशी ने कहा कि दैशिक शास्त्र का अल्मोड़ा से जुड़ाव यहां के लिए गौरव पूर्ण है। इस पुस्तक के लेखक अल्मोड़ा के बद्री साह ठुलघरिया हैं। उनके पुत्र ने बताया कि पुस्तक लिखने की प्रेरणा पिता को लोक लोकमान्य गंगाधार तिलक से मिली। उन्होंने कहा कि स्वराज और स्वाधीनता के विचार दयानंद सरस्वती ने दिए।
तिलक का मानना था कि भारत की राष्ट्रीयता सनातन धर्म है। सनातन धर्म आगे बढ़ेगा तो भारत आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरु था इस पर चर्चाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि बाल गंगाधर तिलक सनातन भारत विचार के प्रचारक रहे। सामाजिक व्यवस्था में दृष्टि, सृष्टि, समिष्टि, परमिष्टि को खंडित नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सीमा से अधिक किसी भी चीज का संग्रह अच्छा नहीं है। विश्व में एक फीसदी लोगों के पास अथाह संपत्ति है, जो समाज में विषमता का कारण है। विश्व मानववाद से ही बचेगा। उन्होंने कहा कि आज हम अपने सिद्धांत नहीं बचा पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में ज्ञान का विस्तार और संरक्षण जरूरी है। हमें चारों वेदों को समझना होगा।
गोष्ठी की अध्यक्षता राम कृष्ण कुुटीर के स्वामी सोमदेवानंद ने की। केंद्रीय खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डा. महेश शर्मा ने कहा कि दैशिक शास्त्र असाधारण है। इस पर शोध करने की जरूरत है। उत्तरांचल उत्थान परिषद के अध्यक्ष प्रेम बड़ाकोटी ने भी विचार रखे। संचालन एसएसजे परिसर को प्रो. वीपी पांडे ने किया।
इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, आवासीय विवि कुलपति प्रो. एचएस धामी, प्रो. एमपी जोशी, आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक अशोक बेरी, डा. जितेंद्र बजाज, पुरातत्व वेत्ता धर्मवीर शर्मा, एबीवीपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया, निशि शर्मा, विजय धस्मान, दीपक पांडे, किशन गुरुरानी, डा. नवीन भट्ट, कैलाश गुरुरानी, डा. अर्चना सुयाल, कृष्णा कांडपाल, डा. हरीश जोशी, डा. ओपीएस नेगी, प्रकाश पंत आदि मौजूद थे।
इस अवसर पर अतिथियों ने एसएसजे परिसर के प्राध्यापक डा. हरीश चंद्र जोशी की पुस्तक स्वास्थ्य रक्षा के विभिन्न आयाम का भी विमोचन किया।