कुमाऊं मंडल की अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सुषमा सिंह ने हाईस्कूल परीक्षाफल आने से पूर्व स्कूलों में ग्यारहवीं कक्षा में शिक्षण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि स्कूलों में अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान पर खास ध्यान दें।
एडी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए जिला और खंड शिक्षा अधिकारी नियमित औचक निरीक्षण करें, जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है वहां जुलाई-अगस्त में शिक्षकों की पूरी व्यवस्था कर दी जाएगी। असंगत विषय में कार्यरत शिक्षक और स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में समायोजित किए जाने का कार्य गतिमान है। इसके लिए जिलों से सूचना मांग ली गई है।
एलटी से प्रवक्ता (स्नातक वेतनक्रम) पद पर करीब 1500 शिक्षकों की पदोन्नति किए जाने के लिए कई ब्लाकों से अभी तक शिक्षकों की गोपनीय आख्या नहीं मिली है। कई स्कूलों में निरीक्षण में पाया गया कि बच्चों में सामान्य और अंग्रेजी का ज्ञान कम है। इस पर प्रधानाचार्य विशेष ध्यान दें। जिन स्कूलों में शिक्षकों की अधिक कमी है उसकी भी जानकारी उन्होंने ली।
विद्यालयी शिक्षा निदेशालय के उप निदेशक एडी बलौदी और सीएस बिष्ट ने कहा कि प्रधानाचार्य शिक्षणकार्य में शिथिलता नहीं बरतें। ब्लाकों से आए खंड शिक्षा अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों के समक्ष समस्याएं रखीं। इस मौके पर मुख्य शिक्षा अधिकारी एके सिंह, बीईओ विनोद कुमार, गणेश चंद्र पाठक, पीएस जंगपांगी, एसपी मिश्रा, जेआर गौतम, पुष्कर टम्टा, एसएस बिष्ट, राजेंद्र अधिकारी, एचआर राजन, बीएस भारती, जगमोहन रौतेला, भारत जोशी, रश्मि पंत, हिमांशु नौगाई, रवि मेहता, कुंदन मेहता, विनोद राठौर, योगेश तिवारी, नवीन वर्मा, वीके पांडे, एमएस नेगी, एके त्रिपाठी, तिलक चंद्र तिवारी, मोहम्मद हारून आदि मौजूद थे।