बागेश्वर। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की कार्यवाही से परेशान एक बुजुर्ग ने बुधवार को यहां जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि डीडीए में हुई सुनवाई में बुजुर्ग के मकान के ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था। इससे गुस्साए स्थानीय लोगों ने बुजुर्ग की लाश को उसके निर्माणाधीन मकान के पास रखकर हंगामा भी किया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया। डीडीए की कार्यवाही से क्षुब्ध होकर सुसाइड करने का एक पखवाड़े के भीतर यह दूसरा मामला है।
मोहल्ला मेहनरबूंगा निवासी कल्याण सिंह (66) की पत्नी बीमार है। परिजन उसे इलाज के लिए बाहर लेकर गए थे। उनका एक पुत्र देहरादून में पुलिस विभाग में है। बुधवार को कल्याण सिंह घर में अकेले थे। इस दौरान उन्होंने जहर खा लिया। भाई गोविंद सिंह सुबह चाय देने उनके कमरे में गए तो घटना का पता चला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भर शव कब्जे में ले लिया है। मौके से बरामद सुसाइड नोट और जहर की शीशी पुलिस ने सील कर दी है।
इधर, घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने पर्वतीय क्षेत्र को डीडीए से मुक्त मांग करते हुए कुछ देर हंगामा भी किया। डीएम रंजना राजगुरु ने जनता से धैर्य रखने की अपील की है। कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुदकुशी के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। सुसाइड नोट से कल्याण के लेख का मिलान भी कराया जाएगा।
कल्याण सिंह मानकों के खिलाफ भवन निर्माण करवा रहे थे। इसलिए वर्ष 2016 में उनका चालान हुआ था। तब उन पर दस हजार रुपये की पेनल्टी लगी थी। वर्ष 2017 में प्राधिकरण का गठन होने के बाद मामला सुनवाई के लिए आया। न्यायपूर्वक पर्याप्त सुनवाई हुई। इसका अंतिम आदेश मकान ध्वस्तीकरण के लिए जारी हुआ था। - राहुल गोयल, सचिव/डीडीए और एडीएम बागेश्वर।
15 दिन पहले भी पूर्व सैनिक ने की थी आत्महत्या
बागेश्वर। इससे पहले 21 अगस्त को भी मोहल्ला कठायतबाड़ा निवासी पूर्व सैनिक देवकीनंदन भट्ट पुत्र कांतिबल्लभ ने भी डीडीए की कार्रवाई से परेशान होकर फांसी लगा ली थी। उन्होंने नक्शा बनाने के लिए आवेदन नहीं किया था लेकिन पड़ोसियों की शिकायत पर डीडीए ने उनके भवन का निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
सुसाइड नोट में लिखा प्राधिकरण ने मुझे परेशान कर दिया
एक साल से बीमार चल रहा हूं। प्राधिकरण वालों ने मुझे बहुत परेशान कर दिया है। 1980 से मेरा मकान बना था। जीर्ण हालत में था। उसे तोड़कर नया बना रहा था। मैंने मकान बनाना शुरू किया कि रोक लगा दी। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। मैं गरीब किसान, मजदूर हूं। मैं कुछ नहीं कर सकता। अगर आपने मेरी जमीन ली तो जमीन के बदले मेरे लड़के को नौकरी देनी पड़ेगी।
कई संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बागेश्वर। नागरिक मंच के अध्यक्ष पंकज पांडे, प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के अध्यक्ष डब्बू मेहता, सवाल संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश पांडे ने बताया कि मोहल्ला मेहनरबुंगा निवासी कल्याण सिंह रावत ने डीडीए से तंग आकर आत्महत्या की है। इसका सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने इसे जनता का सबसे बड़ा दुर्भाग्य बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। इसके खिलाफ बृहस्पतिवार को आंदोलन की चेतावनी दी है। कहा कि जरूरत पड़ने पर बाजार बंद और चक्काजाम भी किया जाएगा।