एकल नारी शक्ति संगठन के यहां हुए सम्मेलन में सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से एकल (अकेले जीवन यापन करने वाली) महिलाओं की न्यूनतम पेंशन तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई। इससे पहले महिलाओं ने मांगों को लेकर नगर में जुलूस निकाला। जुलूस में महिलाएं नारेबाजी कर रही थीं।
भगवती पैलेस से शुरू हुआ एकल नारी शक्ति संगठन के बैनर तले महिलाओं का जुलूस मालरोड, मुख्य बाजार होते हुए चौघानपाटा पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस के पश्चात हुए महिलाओं के सम्मेलन में वक्ताओं ने विधवा, तलाकशुदा, परित्यकता महिलाओं को ग्राम पंचायत, ब्लॉक स्तर पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि एकल महिलाओं को सरकार द्वारा देय पेंशन प्रतिमाह नियमित रूप से मिलनी जाहिए। जिला प्रशासन से संचालित आवास योजनाओं में एकल महिलाओं को प्राथमिकता मिले। सम्मेलन में सरकार द्वारा संचालित आजीविका कार्यक्रमों में एकल महिलाओं को प्राथमिकता से जोड़ने, एकल महिलाओं को एक विशेष पहचान पत्र देने की मांग की गई, ताकि उस कार्ड से वह सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं होने से आधार कार्ड बनाने में उन्हें दिक्कतें आ रही हैं। बाद में उन्होंने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल को सौंपा। महिला हॉट की ओर से हुए सम्मेलन और जुलूस में महिला हाट की सचिव कृष्णा बिष्ट, राजू कांडपाल, गीता पांडे, श्वेता अग्रवाल, पुष्पा टम्टा, संजय कुमार के अलावा आस्था संस्थान उदयपुर की अश्विनी पालीवाल, पवन, हिमाचल प्रदेश एकल महिला संगठन की अध्यक्ष राधा, कमला तिवारी, उषा, आशा कनवाल, हीरा, मंजू मेहरा, संध्या लाल, दीपा सनवाल, गीता जोशी, बसंती जोशी, आशा पाल, शोभा, लीला, सुनीता बजेली, भगवती बजेठा आदि थे।