अल्मोड़ा। जिले में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हुई 23 सड़कों में से संबंधित विभाग ने 15 मार्ग तो खोल दिए हैं, लेकिन आठ ग्रामीण सड़कें अब भी बंद हैं। इस वजह से कई गांवों के 20 हजार से अधिक लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
चार दिनों से मौसम खराब होने से जन जीवन पर असर पड़ा है। बुधवार को भी दिन भर रुक-रुक कर बारिश हुई। बारिश के दौरान कई सड़कों पर पहाड़ी दरकने से लगातार मलबा और पत्थर गिरते रहे।
सड़कें बंद होने की सूचना पर संबंधित विभागों ने तत्काल जेसीबी मशीनें तैनात की गई है। जिले में 15 मुख्य सड़कों से मलबा हटाकर उन पर यातायात सुचारू करा दिया गया है। दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने वाले आठ ग्रामीण मोटर मार्ग अभी भी यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं। इन सड़कों के बंद होने से ग्रामीण इलाकों के 20 हजार से अधिक लोग अपने गांवों में ही कैद होकर रह गए हैं और उनका बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिला मुख्यालय के बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा और आम दिनों की तुलना में चहल-पहल बेहद कम रही। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने को काम जारी है।
जिले में ये सड़के हैं बंद
मंगलता-त्रिनेली ग्रामीण मोटर मार्ग
अल्मोड़ा-घाट-कोट्लीगूंठ ग्रामीण मोटर मार्ग
जौरासी-जैखाल ग्रामीण मोटर मार्ग
द्वारसों-सिमलों ग्रामीण मोटर मार्ग
डोबा-चौसली ग्रामीण मोटर मार्ग
चौसाला-चिल ग्रामीण मोटर मार्ग
ताड़ीखेत-पीपली ग्रामीण मोटर मार्ग
मनान-सिलिंगिया ग्रामीण मोटर मार्ग