जिला आपूर्ति विभाग में लिपिकों के अधिकांश पद खाली पड़े हैं जिससे वहां कामकाज पर असर पड़ रहा है। शनिवार की सुबह अमर उजाला टीम ने डीएसओ ऑफिस का जायजा लिया। वहां अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी थी। वहां मौजूद जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि लिपिकों के 12 में से आठ पद रिक्त चल रहे हैं। लिपिकों की कमी के कारण राशन कार्ड बनाने और संशोधन आदि के कार्यों में भी असर पड़ रहा है।
अमर उजाला की टीम ने इस कार्यालय में स्टाफ के पहुंचने के समय की पड़ताल की। शनिवार प्रात: 9:55 बजे चौकीदार ने कार्यालय कक्षों के ताले खाले। 10:05 बजे जिलापूर्ति अधिकारी टीएन उपाध्याय अपने कक्ष में पहुंच गए। 10:10 बजे तीन-चार अन्य कार्मिक अंदर दाखिल हुए। 10:45 बजे तक कार्यालय कक्षों में पड़ी कार्मिकों की कुर्सियां खाली पड़ी थी। टीम ने जिलापूर्ति कक्ष में जाकर उनसे कर्मचारियों के आने में देरी का कारण पूछा। उन्होंने बताया कि कार्यालय में लिपिक के 12 पद स्वीकृत हैं।
इनमें दो पदों में नियमित और दो पर उपनल से आउटसोर्सिंग कर्मी तैनात हैं। नियमित कर्मियों में से एक को अन्यत्र समायोजित किया गया है, जबकि अन्य कार्मिक छुट्टी पर हैं। लेखा लिपिक के अलावा दो उपनल कर्मी अति आवश्यक सेवाओं की पूर्ति का काम कर रहे थे। उपाध्याय ने बताया कि 82 हजार राशन कार्डों कीे ऑन लाइन प्रक्रिया पूरी कर सूची संबंधित विक्रेताओं को भेज दी गई है। सूची में विसंगति को दुरुस्त करवाने का काम चल रहा है। हर रोज कई क्षेत्रों से लोग कार्ड दुरस्त कराने आते हैं। उपलब्ध कार्मिकों के सहारे ही लोगों को अधिकतम सेवा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।