कपकोट के बावे बैंड के समीप बोल्डर आने से बंद सड़क।
बागेश्वर। सोमवार सुबह जिलेभर में हुई झमाझम बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के कारण जिले के आठ प्रमुख मोटर मार्ग बंद हो गए, जिससे कई क्षेत्रों में आवाजाही ठप हो गई। जगह-जगह भू-धंसाव और भूस्खलन से कई मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है।
मुख्य पिंडारी मोटर मार्ग पर बावे बैंड के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने से मार्ग एक बार फिर बंद हो गया। सड़कें बाधित होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पेयजल और संचार सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं।
जिले में बीते 24 घंटे के दौरान औसतन 10.33 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर में 12, कपकोट में 11 और गरुड़ में आठ मिलीमीटर वर्षा हुई। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। सरयू नदी का जलस्तर 867 मीटर और गोमती नदी का जलस्तर 863.85 मीटर पहुंच गया है। बैजनाथ बैराज में तालाब का जलस्तर 1113.20 मीटर दर्ज किया गया जबकि डाउनस्ट्रीम में 949.72 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
नदियों में तेज बहाव के साथ सिल्ट आने से नगर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई इलाकों में नलों से गंदा पानी आने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अतिवृष्टि से हरबगड़ निवासी खीम नाथ के मकान का आंगन ध्वस्त हो गया। इससे उनका मकान भी भूस्खलन की जद में आ गया है। बीथी-पन्याली गांव में त्रिलोक सिंह और चचई निवासी माधो सिंह के घरों के आंगन भी ढह गए हैं। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल मुआवजा देने और सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है।