एसएसजे परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में मौजूद अतिथि। संवाद
अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर में स्वामी विवेकानंद महात्मा गांधी आध्यात्मिक अध्ययन केंद्र और रामकृष्ण कुटीर की ओर से स्वामी विवेकानंद के विचारों के आलोक में शिक्षा, शिक्षार्थी और शिक्षण संस्थान विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। इस दौरान छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में प्रदेश की मेरिट सूची में पहला स्थान प्राप्त करने वाले जिले के मेधावी पीयूष खोलिया को सम्मानित किया गया।
मंगलवार को एसएसजे परिसर के मुख्य ऑडिटोरियम में आयोजित सेमिनार में अमेरिका में हिंदू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों के अनुरूप संस्थानों में शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि शिक्षण संस्थान स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के अनुरूप कार्य करें तो इसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। रामकृष्ण कुटीर के अध्यक्ष स्वामी ध्रुवेशानंद ने कहा कि यह संगोष्ठी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। विशिष्ट अतिथि प्रो. जगत सिंह बिष्ट ने कहा विवेकानंद ने महज 29 वर्ष की आयु में ही भारत का विराट स्वरूप विश्व पटल पर रखा और इससे विश्व में भारत की एक सकारात्मक छवि बनी। इस दौरान देश-विदेश से पहुंचे शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र पढ़े। इस मौके पर विवि के कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, ढाका यूनिवर्सिटी के डॉ. मिल्टन देव, परिसर निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट, संयोजक डॉ. चंद्रप्रकाश फुलेरिया, सह संयोजक डॉ. ललित जोशी, कुलानुशासक डॉ. दीपक, डीएसडब्लू प्रो. शेखर चंद्र जोशी आदि मौजूद रहे। संवाद