रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के तहत चयनित गांवों में सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। जलागम निदेशालय के निर्देशानुसार विभागीय टीम विकासखंड ताड़ीखेत के बोहरागांव और छाती गांव पहुंची। भविष्य में इन गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की योजना है।
सर्वे के लिए पहुंची टीम ने किसानों से कृषि उत्पादन, फसलों की स्थिति, मिट्टी की गुणवत्ता और संसाधनों की उपलब्धता जैसे विषयों पर जानकारी जुटाई और फीडबैक लिया।
सामाजिक कार्यकर्ता माधवी मेहरा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने ग्रामीणों को बताया कि परियोजना के तहत किसानों को आधुनिक तकनीकी विधियों से खेती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि आय में वृद्धि हो। साथ ही परियोजना में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी जिससे योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचेगा।
परियोजना जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और सतत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सर्वे उपरांत आगामी पांच सालों तक कृषि एवं उद्यान से संबंधित विभिन्न गतिविधियां संचालित होंगी। वहां सुनीता देवी, दया रौतेला, पुष्पा मेहरा, प्रकाश चंद्र, मदन राम, कुंदन सिंह, उमा देवी, आशा देवी, नीमा, माधवी, निर्मला, पान सिंह, मदन सिंह आदि मौजूद रहे।