अल्मोड़ा। मोहान ईको टूरिज्म जोन में पर्यटकों के जंगल सफारी के बढ़ते रोमांच को देखते हुए वन विभाग ने ईको कॉटेज स्थापित करने की योजना बनाई है। पहले चरण में दस लाख रुपये से एक कॉटेज तैयार होगा। यहां पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता के बीच पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद लें सकेंगे। इस पहल से क्षेत्र में पर्यटन कारोबार को नई गति मिलेेगी।
मोहान में सफारी में बैठकर बाघ, हाथी, भालू, तेंदुए आदि वन्यजीवों का दीदार करने वाले पर्यटकों अब जल्द यहां ठहरने की भी सुविधा मिलेगी। वन विभाग पर्यटकों की सुविधा के लिए ईको कॉटेज तैयार करेंगा। जहां वह सुबह पक्षियों की चहचहाहट, ऊंचे पहाड़ और हरियाली के बीच ताजी हवा के बीच नई ताजगी का एहसास करेंगे।
अब तक यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं होने से पर्यटकों को कई किमी दूर होम स्टे या होटलों में रहना पड़ता है। अब उन्हें जंगल के बीच ही इको कॉटेज में ठहरने की सुविधा मिलेगी। यहां ठहरकर पर्यटक अपनी परिवार और दोस्तों के साथ करीब से पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता को निहार सकेंगे। यह नया अनुभव उनकी इस यात्रा को भी यादगार बना देगा।
रोजगार के खुलेंगे द्वार
वन विभाग के मुताबिक कॉटेज में ठहरने वाले पर्यटकों को भोजन में पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन मडुवे की रोटी, झोली-भात, भट की चुड़कानी, गहत की दाल आदि परोसे जाएंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। वहीं कॉटेज संचालित होने पर क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कोट
पहले चरण में मोहान में एक ईको कॉटेज तैयार किया जाएगा। यहां पर्यटकों के ठहरने और भोजन की पूरी व्यवस्था होगी। योजना के सफल होने पर भविष्य में इसका विस्तार किया जाएगा।
- दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा