धौलछीना क्षेत्र में ढाई माह से रसोई गैस नहीं बंट सकी है। जिस कारण ठंड से परेशान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग घरों के बाहर चूल्हा लगाकर लकड़ियों में खाना बनाने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं ने रसोई गैस आपूर्ति शीघ्र न होने पर गैस का वाहन रोकने की चेतावनी दी।
धौलछीना क्षेत्र के कसाणबैंड, धौलछीना, खांकरी, बेलवालगांव, कांचुला, दियारी, बबुरियानायल, कटधारा, कलौन, पल्यूं, गरगूठिया आदि 35 से अधिक गांवों के सैकड़ों उपभोक्ताओं को पिछले ढाई माह से रसोई गैस नहीं मिली है। ठंड में गैस की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गैस वितरण की निर्धारित तिथि को लोग खाली सिलेंडरों को लेकर वितरण स्थल पर पहुंच रहे हैं लेकिन गैस वाहन न आने के कारण लोगों को निराश होकर वापस जाना पड़ रहा है।
इससे जहां उनका समय बर्बाद हो रहा है वहीं सिलेंडर ढुलान में अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। गैस की मांग को लेकर लोगों ने पिछले दिनों धौलछीना बाजार में गैस का वाहन रोका था। गैस एजेंसी के अधिकारियों ने दूसरे दिन गैस का वाहन भेजने का आश्वासन दिया था लेकिन गैस नहीं मिली है। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
क्षेत्र में इंडेन गैस सर्विस के अलावा अन्य कोई गैस एजेंसी के सिलेंडर उपलब्ध नहीं है। खासकर किराये में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष दरवान सिंह रावत ने सोमवार तक क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति न होने पर अल्मोड़ा-बेड़ीनाग मोटर मार्ग में गैस का वाहन रोकने की चेतावनी दी है।