बड़ा नुकसान होने से बचा
स्याल्दे। देव सिंह का परिवार घटना के समय रसोई में खाना बना रहा था। यदि वह कमरे के भीतर होता तो जनहानि हो सकती थी। खाना बनाने के दौरान ही धमाके की आवाज सुनकर वह बाहर आ गया। इससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
जागेश्वर में सबसे अधिक, भिकियासैण में सबसे कम हुई बारिश
अल्मोड़ा। आपदा प्रबंधन के अनुसार पिछले 24 घंटे में जागेश्वर में सबसे अधिक 12.5 मिमी बारिश और भिकियासैण में सबसे कम 0.5 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा रानीखेत में 7 सोमेश्वर में 8, जागेश्वर में 12.5, ताकुला में 7.5, शीतलाखेत में 22, भैंसियाछाना में 8, सल्ट में 7.5 और मासी में सबसे कम 5.5 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई।
भतरौंजखान। क्षेत्र में सोमवार से रुक-रुककर बारिश जारी है। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार सुबह हल्की धूप के बाद दोपहर तेज बारिश हुई। बारिश की वजह से नाले बहने शुरू हो गए। मई माह में भी लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं।
बारिश से रानीखेत और द्वाराहाट में जनजीवन अस्त व्यस्त
क्षेत्र में बारिश का कहर जारी है। बुधवार को सुबह से ही मौसम खराब था। दोपहर बाद अचानक बारिश शुरू हो गई जो देर शाम तक जारी रही। लगातार हो रही बारिश के कारण ठंड काफी बढ़ गई है। स्कूल जाने के लिए बच्चे टोपी और स्वेटर पहने दिख रहे हैं। हालांकि बारिश के चलते गर्मियों में पानी की किल्लत काफी हद तक दूर होने की संभावना है। वहीं जंगलों को भी आग से राहत मिल रही है लेकिन बेमौसम हो रही बारिश के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर द्वाराहाट में भी बारिश का सिलसिला जारी है। संवाद
मौसम का नहीं बदला मिजाज, जारी रहा बारिश का दौर
बागेश्वर जिले में बारिश का दौर चौथे दिन भी जारी रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात हुआ। जिला मुख्यालय समेत अन्य स्थानों पर दोपहर बाद से बारिश होती रही। बारिश के चलते मौसम में ठंड बनी है। जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार की शाम से जिले में बारिश हो रही है। बुधवार की सुबह आसमान में हल्के बादल थे और धूप निकलने के आसार बन रहे थे। हालांकि दोपहर पूर्व फिर मौसम बदला और दिन में 12 बजे बारिश शुरू हो गई। जिले के डंगोली में सबसे अधिक 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर में सात, कपकोट में छह और गरुड़ ब्लॉक में 11 मिमी बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।
खेत में जौं की फसल तैयार, काटने नहीं दे रही फुहार
बागेश्वर के कपकोट के कर्मी, बघर, ढोक्टीगांव, बदियाकोट, सोराग आदि गांवों में जौं की फसल खेतों में तैयार हो गई है, लेकिन बारिश के चलते किसान फसल काट नहीं पा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह कर्म्याल बताते हैं कि बारिश के कारण गेहूं की फसल भी अब तक हरी है। जौं की बालियां पक गई हैं, जिन्हें बंदर नष्ट कर रहे हैं। बारिश थम जाती तो फसल कटाई का काम शुरू होता।
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जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्का हिमपात जबकि अन्य इलाकों में बारिश जारी है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को जिले के 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। जिसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
- शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर।