लमगड़ा ब्लाक के मोतियापाथर में टैंकर से पानी भरते लोग।
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गर्मी में जल संकट व्याप्त है। शहर क्षेत्र में पानी खुलने का समय भी निश्चित नहीं है। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में योजनाओं से जरूरत के मुताबिक लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
कोसी नदी से शहर और आसपास के गांवों में पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन जनसंख्या के बढ़ने से तीन दशक पूर्व बनी पेयजल योजना पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पा रही है। जिस कारण खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्र खत्याड़ी, खोल्टा, धारानौला, चीनाखान आदि इलाकों में लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल योजनाएं पर्याप्त पानी की आपूर्ति करने में विफल साबित हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में लोग गाय, भैंस, बैल, बकरी आदि मवेशी पालते हैं। मवेशियों के लिए पानी इकट्ठा करने को उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इधर जल संस्थान ने मंगलवार को मोतियापाथर में दो टैंकरों, चितई, गधोली, सालम में एक-एक टैंकर से पानी की आपूर्ति की