बोनस का भुगतान करने की एक सूत्रीय मांग को लेकर पेयजल निगम कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने सरकार पर निगम कर्मियों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। कार्य बहिष्कार से उत्तराखंड पेयजल निगम के कार्यालयों में कामकाज ठप रहा है।
उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर एक सूत्रीय मांग को लेकर निगम कर्मचारी आज कार्य बहिष्कार पर रहे। वक्ताओं ने कहा कि शासन और सरकार पेयजल निगम कर्मियों को बोनस देने की मांग पर उदासीन बनी हुई है, जबकि अन्य विभागों के कर्मियों को बोनस दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि तीन दिसंबर तक कार्य बहिष्कार जारी रखा जाएगा। यदि इसके बाद भी मांग नहीं मानी गई तो छह और सात दिसंबर को राजभवन देहरादून में उपवास और धरना दिया जाएगा। इसके बाद 12 दिसंबर को महासंघ की बैठक कर आंदोलन की अग्रिम रणनीति तय की जाएगी।
सभा की अध्यक्षता रेना पांडे ने की। धरने में प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद जोशी, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष हर सिंह नेगी, प्रांतीय संगठन मंत्री पूरन मेहरा, केएल साह, घनश्याम लोहनी, जिलाध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, सचिव राहुल बिष्ट, निर्मला रावत, चंदन लाल, सुनील दत्त, पंकज कुमार, मोहन भट्ट, मिराज अली, देवेंद्र राणा, दीपा जोशी, बलवंत सिंह, राजेंद्र बिष्ट, कुंदन अधिकारी, दिनेश चंद्र तिवारी, युगल किशोर, कमला चौधरी, अंबादत्त भट्ट आदि ने भाग लिया।