जिला अस्पताल में आधे दिन तक खाली पड़ी इमरजेंसी कक्ष की कुर्सी।
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कोरोना काल में भी डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए समस्या बनी हुई है। जिला अस्पताल अल्मोड़ा में सोमवार को इमरजेंसी वार्ड बगैर डॉक्टर के ही संचालित हुआ। वहीं अस्पताल में आधे दर्जन से अधिक डॉक्टर भी अवकाश पर रहे। बाद में व्यवस्था के तौर पर इमरजेंसी वार्ड में एक डॉक्टर को तैनात किया। लेकिन आधे दिन तक मरीजों को उपचार के लिए इमरजेंसी और ओपीडी के बीच भटकना पड़ा। अस्पताल में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के भी अवकाश में रहने से स्वास्थ्य सुविधाएं नदारद रही।
इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर के अवकाश पर रहने के कारण सोमवार को इमरजेंसी वार्ड में सुबह कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं बैठा। हालांकि स्वास्थ्य कार्मिक ड्यूटी देते रहे, लेकिन इमजरेंसी वार्ड आधे दिन तक बगैर डॉक्टर के ही संचालित रहा। उधर अस्थि रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, ईएमओ, रेडियॉलोजिस्ट, ईएनटी समेत आधे दर्जन से अधिक डॉक्टर भी अवकाश पर रहे।
मरीज इमरजेंसी वार्ड से ओपीडी और ओपीडी से इमरजेंसी वार्ड तक भटकते रहे। आधे दिन बाद मनोचिकित्सक को व्यवस्था के तौर पर इमरजेंसी वार्ड में तैनात किया गया। इमरजेंसी समेत ओपीडी में डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने बताया कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मनोचिकित्सक को तैनात कर दिया गया है। वह खुद भी मरीजों का उपचार कर रहे हैं।