सड़कों के किनारे डंपरों से मिट्टी और कूड़ा फेंकने पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। डीएम के इस पर सख्ती से रोक लगाने के आदेशों के बावजूद शहर भर की सड़कों के किनारे डंपरों से धड़ल्ले से मिट्टी और कूड़ा डाला जा रहा है। प्रशासन ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में निर्माण कार्य के बाद निकलने वाली मिट्टी भवन स्वामी और डंपर चालक, मालिक शहर के सीमावर्ती सड़कों के किनारे चोरी छिपे डाल देते हैं। शहर की लोअर मालरोड में पांडेखोला बाईपास, होटल मैनेजमेंट संस्थान के आसपास, करबला तिराहे, धारानौला मार्ग में सिकुड़ा बैंड और फलसीमा के पास, करबला-क्वारब मार्ग में जगह-जगह डंपरों से चोरी छिपे मिट्टी और कूड़ा कचरा डाला जा रहा है। इन सड़कों के किनारे जगह-जगह मिट्टी के ढेर पड़े हैं।
इससे सड़कें संकरी होने से दुर्घटना की आशंका रहती है। हालांकि प्रशासन ने कुछ स्थानों पर मिट्टी के ढेरों का समतलीकरण कर दिया है। सड़कों के किनारे डाली जा रही मिट्टी निचले हिस्से में स्थित गांवों में रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बनी हुई है। मिट्टी, पत्थरों से गांवों में खेतों, गौचर और जल स्रोतों को भी नुकसान पहुंचता है। बारिश होने पर मिट्टी और गंदगी निचले हिस्से में बहकर पहुंचती है। कई बार इन क्षेत्रों के लोग जिला प्रशासन, डीएम, लोनिवि के अधिकारियों से इन क्षेत्रों में मिट्टी और कूड़ा डालने वालों पर अंकुश लगाने की गुहार लगा चुके हैं।
बता दें कि सप्ताहभर पूर्व डीएम सविन बंसल ने डंपरों के जरिये सड़कों के किनारे मिट्टी और कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश राजस्व पुलिस और पुलिस को दिए थे। इसके लिए बाकायदा एक विशेष टीम गठित की है। इस टीम को रात रात्रि में गश्त कर मौके पर डंपरों को पकड़कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों के किनारे मिट्टी और कूड़ा डालने वालों पर प्रशासन अंकुश नहीं लगा पा रहा है।