नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक माह का समय होने को है लेकिन सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में एक से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त मिलने वाली 1,49,800 पुस्तकें अब तक नहीं मिली हैं। किताबों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। गणित, विज्ञान, संस्कृत समेत कई महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई ठप हैं। समय पर किताबें नहीं मिली तो शिक्षकों के लिए कोर्स समय पर पूरा करना चुनौती हो सकता है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में एक से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त में पुस्तकें वितरित की जाती हैं। जिले में प्राथमिक और जूनियर वर्ग में कुल पुस्तकों की मांग 3,81,450 है। इनमें से सिर्फ 2,31,650 पुस्तकें ही पहुंची हैं। शेष 1,49,800 पुस्तकें नहीं आई हैं। प्राथमिक स्तर पर कुल पुस्तकों की डिमांड 1,22,400 है। इनमें 56,600 पुस्तकें पहुंच गई हैं जबकि 65,800 पुस्तकें आनी शेष हैं। जूनियर स्तर में पुस्तकों की कुल मांग 259050 हैं। जिसमें से 1,75,050 पुस्तकें मिल गई है जबिक 84000 पुस्तकें नहीं आई हैं।
नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक माह का समय होने को है लेकिन प्राथमिक, जूनियर स्तर की 1,49,800 पुस्तकें अब तक जिला मुख्यालय नहीं पहुंची हैं। गणित, अंग्रेजी, सामाजिक विषय, संस्कृत समेत कई विषयों की पुस्तकें नहीं आने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर व्यापक असर पड़ रहा है। बच्चे रोज स्कूल आ रहे हैं, लेकिन वह महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई नहीं कर पा रहै हैं।
बच्चों को है इन विषयों की पुस्तकों का इंतजार
कक्षा चार- हिंदी, गणित।
कक्षा पांच-हिंदी, संस्कृत, हमारे आसपास।
कक्षा छह- प्रेरक प्रसंग, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विषय, हमारी धरती, हमारा जीवन।
कक्षा सात- गणित, सामाजिक विषय।
कक्षा आठ- प्रेरक प्रसंग, सामाजिक विषय।