आम आदमी बनकर डीएम सविन बंसल ने पहले नागरिक अस्पताल रानीखेत में पर्चा बनवाया और उसके बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में भारी खामियां मिलीं। भोजन की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिलने पर संबंधित ठेकेदारों को 10-10 हजार रुपये का जुर्माना ठोक दिया। अनुपस्थित चल रहे दो डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इमरजेंसी वार्ड में किट, उपकरण की व्यवस्था नहीं होने पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाई।
डीएम शनिवार की सुबह सवा आठ बजे आम आदमी बनकर नागरिक अस्पताल रानीखेत पहुंचे। उनके साथ एसडीएम रजा अब्बास और राजस्व कर्मी भी थे। बाकायदा डीएम ने वहां पर्चा भी बनवाया, लेकिन अस्पताल के कर्मचारी उन्हें नहीं पहचान सके। बाद में डीएम ने सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और शौचालयों में गंदगी देखकर बिफर गए। रोगियों को खराब गुणवत्ता का भोजन कराया जा रहा था। डीएम ने दोनों ठेकेदारों को 10-10 हजार रुपये का जुर्माना ठोक दिया। उन्होंने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाएं भी देखी और दवाइयों की जांच की। सर्जन डॉ. मुकेश जोशी, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एम चंद्रा अनुपस्थित थे। डीएम ने दोनों का स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम ने रोगियों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने दोपहर दो बजे बाद भी दवा वितरण की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
डॉक्टरों के लिए आवास सुविधा के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। डीएम ने एसडीएम रजा अब्बास को नियमित रूप से अस्पताल का निरीक्षण करने को कहा। कहा कि स्वयं भी वह जिले के अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे। रोगियों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर तहसीलदार नीतेश डांगर, राकेश जोशी, डॉ. आरपी सागर, डॉ. एसके दीक्षित, डॉ. डीएस नेगी, डॉ. दीपक शर्मा थे।