जिले के प्रभारी और स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में हुई बैठक में वर्ष 2015-16 की जिला योजना के लिए 63.55 करोड़ के बजट का अनुमोदन किया गया। चालू वर्ष की तुलना में जिला योजना करीब नौ करोड़ रुपये अधिक है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों को सशस्त बनाने और ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करने के लिए काम कर रही है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि आपसी समन्वय से काम करें।
उन्होंने अधिकारियों से गांवों का भ्रमण करने के लिए रोस्टर तैयार करने और हर तीन माह में रोस्टर के अनुसार भ्रमण की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। कहा कि अगले वर्ष की जिला योजना में पशुपालन, उरेडा, दुग्ध, जल संस्थान, लोनिवि, पर्यटन और वन आदि विभागों को गत वर्ष की तुलना में अधिक बजट प्रस्तावित किया गया है।
उन्होंने उरेडा के अधिकारियों को अस्पतालों, स्कूलों समेत बड़े संस्थानों में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने और संयंत्रों की मरम्मत करने के लिए बजट का प्राविधान करने के निर्देश दिए। कृषि, उद्यान विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों से काश्तकारों को समय पर बीज खाद उपलब्ध कराने को कहा। ताकि काश्तकार परंपरागत खेती के साथ ही व्यवसायिक खेती की ओर प्रेरित हो सकें।
आगामी जिला योजना में सिंचाई विभाग के लिए 4.94 करोड़, शिक्षा 7.13 करोड़, पर्यटन दो करोड़, पेयजल निगम 6.59 करोड़, जल संस्थान 12 करोड़, लोनिवि के लिए 10.28 करोड़ का प्राविधान किया गया है। बैठक में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, संसदीय सचिव मनोज तिवारी, विधायक रेखा आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, रमेश बहुगुणा, मोहन सिंह महरा, दिनेश कुंजवाल, नगर पंचायत द्वाराहाट की अध्यक्ष विमला साह, विधायक प्रतिनिधि, डीपीसी सदस्य और जिले के अधिकारी मौजूद थे।
पांच किमी सड़क दस साल बाद भी नहीं बनी
अल्मोड़ा। पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत के गांव थापला के लिए मंजूर पांच किमी सड़क दस साल भी नहीं बन सकी है। जिला योजना की बैठक में मौजूद नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि 2004 में थापला गांव को जोड़ने वाला मार्ग स्वीकृत था, लेकिन ग्यारह साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। बैठक में विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी। उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायतों में प्रस्ताव पास होने के बावजूद योजनाओं को जिला योजना में शामिल नहीं करने पर रोष जताया। प्रभारी मंत्री ने सीडीओ को सदस्यों की बैठक बुलाकर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।