अल्मोड़ा। पूरे कुमाऊं की पहचान अल्मोड़ा की होली पर आचार संहिता की वजह से रंग में भंग पड़ गया। यहां नंदा देवी मंदिर में पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत सर्वदलीय महिला संस्था ने आयोजन शुरू किया लेकिन प्रशासन ने आकर आयोजन रुकवा दिया। महिलाओं का कहना है कि आचार संहिता का हवाला देकर यह कार्रवाई की गई है।
नंदा देवी मंदिर में पूरे रीति रिवाज के साथ होली गायन शुरू हो गया था। अल्मोड़ा शहर ही नहीं बल्कि विभिन्न स्थानों से महिलाएं यहां पर होली गायन के लिए आईं थीं। संस्था ने इसके लिए पूरी तैयारी भी कर ली थी। होली को लेकर एक ही गीत हो पाया था कि तभी यहां पर जिला प्रशासन की टीम ने आकर होली गायन रुकवा दिया। संस्था की अध्यक्ष मीना भैंसोड़ा ने बताया कि प्रशासन की टीम ने इस आयोजन को रूकवाने का कारण बताते हुए कहा कि जनपद में आचार संहिता लग गयी है। इस वजह से यह आयोजन सार्वजनिक नहीं हो सकता है। मजबूरी में संस्था की महिलाओं को होली गायन रोकना पड़ा। हालांकि यह आयोजन रद्द करवाए जाने की वजह से महिलाओं में काफी गुस्सा है। संस्था अध्यक्ष ने कहा कि नंदा देवी मंदिर में अभी और भी होली महोत्सव और कार्यक्रम होने हैं। जिला प्रशासन बताए क्या उनका आयोजन भी रुकवा दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की यह कार्यवाही सत्ताधारी नेताओं की शह पर की गई है। गीता मेहरा ने कहा कि यहां बहुत दूर-दूर से महिलाएं आईं थीं। इस तरह से कार्यक्रम रुकवाया जाना गलत है। इस दौरान हेमा सुप्याल, विद्या बिष्ट, किरन साह, लक्कर वर्मा, सोनिया कर्नाटक, विमला बोरा, गीता आर्या, सुधा पंत, भगवती बिष्ट आदि थे।
महिला समिति ने मनाया होली महोत्सव
अल्मोड़ा। महिला समिति ने बुधवार को बद्रेश्वर मंदिर में होली महोत्सव का आयोजन किया। ज्योति त्रिवेदी ने राम राम भजो हरी भजो प्यारे, मंजू त्रिवेदी ने मेरे बालपन के मीत, मनोरमा जोशी ने होली खेलन कैसे जाऊं सखी, तारा पंत ने तुम मांगों हो यमराज बलम के संग चली है सावित्री, जानकी कांडपाल ने मैंने कछु न करी गीत गाए। इस दौरान एक दूसरे को रंग लगाया गया। मौके पर रमा जोशी, हर्षिता जोशी, ज्योति त्रिवेदी, भावना जोशी, मंजू पंत, जानकी कांडपाल, भगवती जोशी, पुष्पा भंडारी, मंजू त्रिवेदी, निर्मला पंत, गंगा जोशी, कुसुम गुप्ता, प्रेमा तिवारी, अल्का साह, कुसुम गुप्ता, रेनुका रौतेला आदि थे।
तो कैसे मनेगी होली
अल्मोड़ा। आचार संहित का हवाला देते हुए नंदा देवी मंदिर में होली का आयोजन रुकवा दिया गया। इस पर सवाल उठता है कि आने वाले समय में होली का आयोजन कैसे होगा। क्योंकि आचार संहिता खत्म होने में अभी लंबा समय है और अल्मोड़ा में होली पर कई कार्यक्रम होना प्रस्तावित हैं। ऐसे में होली के आयोजन पर आचार संहिता की वजह से ग्रहण लग सकता है। (संवाद)
नंदा देवी मंदिर में महिलाएं होली का कार्यक्रम करवा रहीं थीं, जिसे आचार संहिता की वजह से रुकवा दिया गया था।- मोनिका, एसडीएम