अल्मोड़ा। वन पंचायत संगठन ने ईनाकोट में हुई बैठक में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। संगठन ने इससे निपटने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्णय लिया।
वन पंचायत सरपंचों ने वनाग्नि नियंत्रण के लिए शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता न मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सीजनल फायरवॉचरों की नियुक्ति की जानकारी भी वन पंचायत को नहीं दी जाती है।
संगठन ने वन पंचायत प्रतिनिधियों के बीमा, मानदेय और स्वायत्तता बहाली की मांग की। उन्होंने बजट, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की भी अपील की। वक्ताओं ने फायर वॉचरों की नियुक्ति वर्ष में कम से कम दस माह के लिए करने का सुझाव दिया। ग्रामीणों से खेतों में खरपतवार जलाते समय सावधानी बरतने की अपील की गई। वन पंचायत प्रतिनिधि आग की घटनाओं पर लगातार नजर रखेंगे।
बैठक की अध्यक्षता वन पंचायत संगठन के अध्यक्ष सुंदर सिंह पिलख्वाल और संचालन सचिव पूरन सिंह बिष्ट ने किया। यहां सरपंच संगठन के संरक्षक ईश्वर जोशी, किशोर तिवारी, चंदन सिंह बिष्ट, सरपंच दिनेश पिलख्वाल, डूंगर सिंह, ठाकुर सिंह, गोविंद राम, नंदी भंडारी, पिंकी नयाल, प्रेमा देवी, कमला भंडारी आदि मौजूद थे।