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भारत ने चीन स्थित एक अतंर्राष्ट्रीय बैंक मुख्यालय से पेयजल योजना को फंडिंग कराने से हाथ खींचे

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अल्मोड़ा। चीन से संबंध खराब होने पर भारत सरकार ने चीन में मुख्यालय वाले एक अंतरराष्ट्रीय बैंक से अल्मोड़ा शहर और आसपास के 35 गांवों के पेयजल सुदृढ़ीकरण के लिए 93.32 करोड़ लागत की योजना को फंडिंग कराने से हाथ खींच लिए हैं। इसके चलते इस पेयजल योजना के निर्माण को झटका लगा है।
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अल्मोड़ा शहर और आसपास के इलाकों को वर्तमान में 18 एमएलडी पानी की जरूरत है। तीन दशक पूर्व बनी योजना से जल संस्थान शहर को करीब नौ एमएलडी पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है। इस कारण नगर और आसपास की करीब एक लाख से अधिक आबादी को सालभर पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
हालांकि मटेला से एनटीडी स्थित विक्टर मोहन जलाशय के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से नई पेयजल लाइन निर्माणाधीन है। इस योजना के बनने से शहर को 7.5 एमएलडी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति हो सकेगी। उत्तराखंड पेयजल निगम निर्माण शाखा ने अल्मोड़ा नगर और आसपास के 35 गांवों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कपिलेश्वर से पेयजल योजना बनाने और शहर की पाइप लाइनों के सुदृढ़ीकरण के लिए 93.32 करोड़ का आगणन बनाया।
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इस योजना के बनने से शहर को पांच एमएलडी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति होगी। विभाग ने योजना का आगणन बनाकर शासन को भेजा है। सूत्रों के अनुसार एक अंतरराष्ट्रीय बैंक जिसका मुख्यालय चीन में स्थित है, उस बैंक से कपिलेश्वर पेयजल योजना को पूर्व में फंडिंग करने की योजना थी, लेकिन सरकार ने अब इससे हाथ खींच लिए हैं। उम्मीद है कि अब इस योजना का निर्माण भारत सरकार किसी दूसरी मद से करेगी।
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