रानीखेत (अल्मोड़ा)। गनियाद्योली-चिलियानौला का संकरा तीव्र मोड़ किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इस मोड़ पर कई बार चिलियानौला और गनियाद्योली क्षेत्र से आने वाले वाहन आपस में भिड़ चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने तीव्र मोड़ की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की है। पिछले एक दशक से मांग उठ रही है, लेकिन मोड़ पर अभी तक सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हुए हैं।
मालूम हो कि पूर्व में चिलियानौला के लिए ट्रांजिट कैंप के पास से सेना की कच्ची सड़क से वाहन होकर गुजरते थे। लेकिन एक दशक पूर्व सेना नेे इस कच्ची सड़क को सिविल वाहनों के लिए बंद कर दिया।
क्षेत्रवासियों की मांग पर बाद में लोनिवि ने चिलियानौला के लिए गनियाद्योली मार्ग से विशुवा गांव के ऊपर लिंक मार्ग बनाया। जिसे बाद में पक्की सड़क का रूप दे दिया गया। इस सड़क पर एक मोड़ की चौड़ाई काफी कम है। गनियाद्योली और रानीखेत से आने-जाने वाले वाहनों का पता नहीं चल पाता। कई बार वाहन आपस में भिड़ जाते हैं।
वरिष्ठ व्यावसायी विपिन चंद्र शर्मा, रोहित शर्मा, विनोद जोशी, पूर्व प्रधान कवींद्र कुवार्बी आदि ने बताया कि कई बार लोनिवि से मोड़ की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया है।