फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब शासन की मार झेल रहे आपदा प्रभावित परिवार 

Tue, 23 May 2017 10:30 PM IST
अल्मोड़ा़,अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
 जिले के 242 आपदा प्रभावित परिवार पिछले छह साल से अधिक समय से विस्थापन के इंतजार में हैं। प्रदेश और केंद्र सरकार सालों बाद भी इन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने के प्रति उदासीन बनी हुई है, जबकि जिला प्रशासन भूमि का चयन कर कई बार प्रस्ताव शासन को भेज चुका है। आगामी बरसात से पहले भी इन परिवारों के विस्थापन की कोई उम्मीद नहीं है।    
विज्ञापन


 
2010 में आई भीषण आपदा में जिले में विभिन्न स्थानों पर 36 लोगों की मौत हुई थी जबकि सैकड़ों मवेशी मारे गए थे। कई गांव भूस्खलन की चपेट में आ गए थे। अल्मोड़ा तहसील के खैरखेत में छह, बूढ़ाधार के 50 परिवार, बल्टा के 28, बल्टाबाड़ी के चार, सिराड़ के 14, देवली के छह, भूल्यूड़ा के चार, मालता के तीन, बजेठी के 10 परिवारों आपदा प्रभावित हैं।  

    
2013 में आपदा ने जिले में पुन: कहर बरपाया और कई स्थानों पर नुकसान हुआ। अल्मोड़ा तहसील के ल्वेटा में 15 परिवार, थालागूंठ में नौ परिवार, सल्ट तहसील के रडगाड़ के छह, पनुवाद्योखन के 14 चौखुटिया के बसरखेत के 13, रानीखेत तहसील में इंद्रा बस्ती के 42 परिवारों के मकान भूस्खलन से प्रभावित हुए। प्रभावित परिवार पंचायत घरों, स्कूलों और किराए में रहने को मजबूर हैं।    
विज्ञापन


 
जाड़े और बरसात के मौसम में इन परिवारों पर दोहरी मार पड़ती है। किसी तरह यह परिवार जीवन यापन कर रहे हैं किंतु राज्य और केंद्र सरकार की उदासीनता के चलते सुरक्षित स्थान पर विस्थापन के लिए भूमि नहीं मिली है। इन परिवारों के लोग कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। प्रशासन इन गांवों के निकट ही आपदा प्रभावित परिवारों के लिए भूमि चयनित कर प्रस्ताव शासन को भेज चुका है, पर अब तक उनके विस्थापन की कार्रवाई नहीं हो सकी है।      
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें