तिलकपुर मोहल्ले में लिंक रोड के किनारे स्थित नाली कई सालों से गंदगी से पटी हुई है और इसी गंदगी के भीतर से जल संस्थान की दर्जनों पाइप लाइनें निकलती हैं। इसी जगह से तिलकपुर मोहल्ला निवासी डा. अनिल ढींगरा के घर जाने वाली पाइप लाइन टूट गई जिससे उनके घर के नल से भारी मात्रा में गंदगी पहुंच गई। उन्होंने तत्काल पानी बंद करके इसकी सूचना जल संस्थान के अधिकारियों को दी। बताया गया है कि कुछ दिन पहले भी एक-दो घरों में पीने के पानी के साथ नाली की गंदगी पहुंच गई। इससे लोगों में रोष है।
अल्मोड़ा में कई स्थानों पर जल संस्थान की पाइप लाइनें नालियों से होकर गुजरती हैं। लिंक रोड में तिलकपुर के पास पिछले कई सालों ने नाली गंदगी से पटी हुई है। नाली के भीतर से जल संस्थान की दर्जनों पाइप लाइनें निकलती हैं जिससे नाली की सफाई करना भी संभव नहीं है। हालत यह है कि वर्षों से गंदगी में पड़े पाइप भी सड़कर टूटने लगे हैं। बृहस्पतिवार को तिलकपुर मोहल्ला निवासी डा. अनिल ढींगरा के घर पर पानी के साथ भारी मात्रा में गंदगी आने लगी। पानी से दुर्गंध आने पर परिवार के लोगों ने तत्काल टोंटी बंद कर दी और जल संस्थान कर्मियों की इसकी सूचना दी। जांच के बाद पता चला कि डा. ढींगरा के घर आने वाली पाइप लाइन गंदगी से भरी नाली के बीच क्षतिग्रस्त हो गई थी तथा उस जगह से नाली का गंदा पानी घर पर आ गया। बाद में उन्होंने इसे स्वयं के प्रयासों से दुरुस्त करवाया।
डा. ढींगरा ने बताया कि कुछ समय पहले एक-दो अन्य घरों में भी पानी के साथ नाली की गंदगी पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि कई बार जल संस्थान और पालिका परिषद के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पूर्व में जिलाधिकारी को भी इस बारे में अवगत कराया गया था। लोगों का कहना है कि जब तक नाली से पाइप लाइन
स्थानांतरित नहीं की जाती तब तक नाली की सफाई करनी भी संभव नहीं है। इधर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी का कहना है कि नालियों से गुजरने वाली पाइप लाइनों के कारण सफाई व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। इसके लिए जल संस्थान को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। अन्यथा दूषित पानी पीने से जानलेवा बीमारियां भी फैल सकती हैं।