कनिष्ठ अभियंता और अपर सहायक अभियंता के पद पर कुल दस वर्ष की सेवा के बाद प्रथम प्रोन्नत वेतनमान पीबी-3 ग्रेड पे 5400 देने समेत अन्य मांगें पूरी नहीं होने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाने के लिए संघर्ष समिति और अनुशासन समिति भी गठित की गई है।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर जिले के सभी डिप्लोमा इंजीनियर्स शक्ति सदन में एकत्रित हुए। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुई तो जेल भरो, आमरण अनशन आदि आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कनिष्ठ अभियंता पद का वेतनमान एक जनवरी से 4600 ग्रेड पे करने, अधीक्षण अभियंता का वेतनमान केंद्र की तरह करने, अपर सहायक अभियंता के पद को पदोन्नति का पद नहीं मानते हुए नान फंक्शनल करने की मांग की। आंदोलन को सफल बनाने के लिए संघर्ष और अनुशासन समितियों का गठन किया गया। अजेंद्र जोशी संघर्ष समिति और मनीष वर्मा अनुशासन समिति के अध्यक्ष चुने गए।
वक्ताओं ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियरों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़कर मांगें पूरी करें। मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर जेल भरो, आमरण अनशन आदि आंदोलन करने की चेतावनी दी। अध्यक्षता एसके वर्मा ने किया। इस मौके पर राजेंद्र गिरी, अजेंद्र जोशी, दीपक जोशी, विनोद सनवाल, ओपी भट्ट, बीसी कांडपाल, सुरेश जोशी, भावना पंत, शलाका पंत, लता नयाल, विमल वर्मा आदि मौजूद थे।