बारिश, दैवी आपदा या किसी भी प्रकार दुर्घटना के दौरान घायल लोगों को राहत पहुंचाने और बचाव कार्य के लिए अब होमगार्ड, ग्राम विकास अधिकारी, राजस्व कर्मचारी, एनसीसी, एनएसएस के अलावा महिला पीआरडी और पुलिस कर्मी भी सहायता करते दिखाई देंगे। आपदा प्रबंधन विभाग ने नई पहल करते हुए इन सभी विभागों के 30-30 कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए चुना है।
जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए और किसी भी प्रकार की आपदा आने पर, उसके प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन विभाग ने इस नई पहल की शुरूआत की है। विभिन्न तहसीलों में तहसील स्तरीय त्वरित बचाव दल का गठन करते हुए करीब आठ विभागों के 30-30 कर्मचारियों को चुना गया है। इन कर्मचारियों को अलग-अलग बैच में भैंसवाड़ा फार्म में सात दिन का आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रेनिंग के बाद इन कर्मचारियों का डाटाबेस तैयार कर वेबसाइट पर डाला जाएगा।
यही नहीं प्रशिक्षण लेने वाले कर्मचारियों को सीधे आपदा कंट्रोल रूम के अलर्ट सिस्टम से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि आपदा और राहत कार्य के दौरान प्रशिक्षित टीम को मौके पर भेजा जा सके। आठ टीमों में होमगार्ड, ग्राम विकास अधिकारी, राजस्व उप निरीक्षक, एनसीसी, एनएसएस, पुलिस, महिला पुलिस और महिला पीआरडी के अलावा युवक मंगल दल के सदस्य शामिल हैं। प्रशिक्षण में विभिन्न प्रकार के खोज बचाव उपकरण का प्रयोग करने, घायलों को निकालने, प्राथमिक चिकित्सा, प्राकृतिक संसाधनों से पुल बनाने समेत अन्य जानकारियां दी जाएंगी।
प्रशिक्षण जल्द ही शुरू हो रहा है। ट्रेनिंग लेने वाले कर्मचारियों का डाटाबेस भी बनाया जाएगा और आपदा कंट्रोल कक्ष के अलर्ट सिस्टम से इन लोगों को जोड़ दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित कर्मचारियों को मैसेज के माध्यम से जानकारी दी जाएगी और उसके बाद प्रशिक्षित टीम राहत कार्य में मदद के लिए पहुंच जाएगी।
- कैलाश सिंह टोलिया, एडीएम, अल्मोड़ा।