पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण वन विभाग के अधीन धौलछीना-पनेट कच्चा मार्ग मलबा आने से पिछले छह माह से बंद है। मार्ग के अवरुद्ध होने से पर्यटकों और लोगों को बाड़ेछीना घूमकर जाना पड़ रहा है। इससे पर्यटकों और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धौलछीना-पनेट सड़क करीब छह किमी लंबी है। पर्यटन की दृष्टि से यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है। इस सड़क से होकर आनंदमयी आश्रम, विमलकोट, बिनसर, वृद्ध जागेश्वर, जागेश्वर, झांकरसैम आदि क्षेत्रों को पर्यटक और स्थानीय लोग आते-जाते हैं। वन विभाग के अधीन इस सड़क में पिछली बरसात में अलग-अलग चार स्थानों पर मलबा आ गया था। तब से इस सड़क में आए मलबे को वन विभाग नहीं हटा सका है।
यह सड़क कच्ची है। इस सड़क से होकर पर्यटक और स्थानीय लोग गंतव्य को आते-जाते हैं और उन्हें काफी कम दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन सड़क के बंद होने से पर्यटकों और लोगों को बाड़ेछीना होते हुए तीस किमी दूरी तय कर वृद्ध जागेश्वर, जागेश्वर, झांकरसैम आदि क्षेत्रों को जाना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस सड़क से मलबा हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग अब तक इस सड़क को नहीं खोल सका है।