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जिले में 266 डॉक्टरों की जरूरत, पर तैनात सिर्फ 144

Wed, 15 Mar 2017 10:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से हमेशा से महत्वपूर्ण रहा अल्मोड़ा जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में पिछड़ा रहा है। बीते पांच सालों में डाक्टरों की मांग को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों द्वारा कई आंदोलन भी किए गए, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। जिला अस्पताल में फिजिशियन, सर्जन, कार्डियोलाजिस्ट समेत कई विशेषज्ञ डाक्टरों के पद खाली हैं। जिससे लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है।
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जिले के अस्पतालों में डाक्टरों के 266 पदों के सापेक्ष 144 डाक्टर ही कार्यरत हैं। इनमें 106 रेगुलर, 38 संविदा में तैनात हैं। शहर के बीचों बीच महिला, जिला और बेस तीन बड़े अस्पताल हैं लेकिन महिला अस्पताल में दो आकस्मिक चिकित्साधिकारी, एक एनेस्थिसिया का पद खाली है। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन, सर्जन, ईएनटी सर्जन, स्किन स्पेशलिस्ट और दो रेगुलर आकस्मिक चिकित्साधिकारी के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। वहीं सबसे बड़े बेस अस्पताल में दो आकस्मिक चिकित्साधिकारी के अलावा, स्किन स्पेशलिस्ट, न्यूरो फिजीशियन, न्यूरो सर्जन के पद भी खाली हैं।

इन तीनों बड़े अस्पताल में हर रोज 400 से अधिक रोगी पहुंचते हैं। जिनमेें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा आसपास के अन्य जिलों के मरीज भी शामिल हैं, लेकिन विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने से मरीज और उनके तीमारदारों को आए दिन मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। इससे बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सामुदायिक और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों का हैं। अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और डाक्टरों की मांग को लेकर पिछले पांच सालों में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने कई बार आंदोलन किए, मंत्रियों तक का घेराव किया, लेकिन महज आश्वासनों के सिवा अल्मोड़ा की जनता को कुछ नहीं मिल सका। लोगों का कहना है कि अब सरकार बदल गई है और उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही नई सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त रखेगी।
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