द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। गगास–पिंडर नदी संपर्क परियोजना को जल्द शुरू करने की मांग तेज हो गई है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर वर्ष 2022 के मसूरी चिंतन शिविर में लिए गए निर्णय के अनुरूप डीपीआर बनाने और वित्तीय स्वीकृति देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव मोहन सिंह को सौंपे ज्ञापन में समिति ने कहा कि कुमाऊं की जीवनरेखा मानी जाने वाली गगास नदी लंबे समय से जल संकट से जूझ रही है। वर्ष 1982 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने पिंडर नदी के अतिरिक्त जल को गगास नदी से जोड़ने के लिए तकनीकी सर्वे कराया था, जिसकी रिपोर्ट आज भी उपलब्ध है। वर्ष 2022 के मसूरी चिंतन शिविर में गगास–पिंडर–कोसी–रामगंगा नदी संपर्क परियोजना पर सहमति बनने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। समिति के संयोजक कैलाश शाह ने बताया कि पिछले 26 वर्षों से इस मांग के लिए आंदोलन और जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। बताया कि परियोजना के लागू होने से अल्मोड़ा, रानीखेत, द्वाराहाट समेत क्षेत्र के पांच लाख से अधिक लोगों को स्थायी पेयजल सुविधा मिलेगी। करीब 50 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी। समिति ने सीएम से तीन माह के भीतर डीपीआर तैयार कराने कराकर वित्तीय स्वीकृति दिलाने की मांग की है।