रानीखेत में लगा गंदगी का अंबार।
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पर्यटन नगरी की सफाई व्यवस्था ठेके पर होने के बावजूद नगर से कूड़े के ढेर कम नहीं हो रहे हैं। शौचालय से जहां गंदगी सड़कों पर बह रही है, वहीं गली मोहल्लों से कूड़े के ढेर नहीं उठ रहे हैं। बड़े नालों में गंदगी बजबजा रही है। जरूरी बाजार, राजपुरा आदि क्षेत्रों का हाल और भी बुरा है। नालियां चोक होने के कारण गंदगी पटी पड़ी है, जिस कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। गंदगी से आजिज वार्ड नंबर चार के सभासद विनोद चंद्र ने छावनी परिषद प्रांगण में धरने की चेतावनी दी है।
रानीखेत नगर और आसपास के क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था का जिम्मा छावनी परिषद के ऊपर है। लंबे समय से सफाई व्यवस्था पर सवालिया निशान उठते रहे हैं। नगर में छह बड़े नाले हैं। अधिकांश नाले गंदगी से पटे पड़े हैं। जरूरी बाजार, राजपुरा सहित तमाम गली मोहल्लों की हालत और भी खराब है, इन क्षेत्रों में कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं, लेकिन इन्हें साफ नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए एक माह पहले छावनी परिषद ने सफाई व्यवस्था का जिम्मा दिल्ली की एक कंपनी को सौंपा है, कंपनी के साथ तीन माह का अनुबंध हुआ है, लेकिन स्थानीय लोग कंपनी की सफाई व्यवस्था से खुश नहीं हैं।
उनका कहना है कि मोहल्लों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। बड़े नालों की नियमित सफाई नहीं हो रही। सार्वजनिक शौचालयों की हालत खराब है वहां से गंदगी सड़कों पर बह रही है। पर्यटन नगरी होने के कारण यहां साल भर सैलानी आते हैं, लेकिन गंदगी के कारण वह लोग कड़वे अनुभव लेकर लौट रहे हैं। इधर, वार्ड नंबर चार के सभासद विनोद चंद्र का कहना है कि कई बार कैंट बोर्ड से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई, लेकिन हालात जस के तस हैं, यदि शीघ्र व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो वह धरना देंगे।